आज फिर तेरी याद आ गई आज फिर तेरी याद आ गई जनता हूँ पराई है फिर भी तेरी याद आ गई निशा की शुरमई चादर ओढ़ कर चाँदनी रात में खो गई बड़ी जद्दोजहद ह…
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