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बचपन

अल्हड़ मस्त जिन्दगी ना किसी के रूठने का गम ना कुछ टूटने की चिन्ता,ऐसा लगता है जैसे सारा संसार अपना है,थोड़ी सी खुशियां भी खुश होने के लिए पर्याप्त होती थ…

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आज रविवार है

आज रविवार है मगर कोई उत्साह नहीं है, याद आते है मुझे वो बीते दिन जब रविवार के आने का इंतजार सोमवार से होने लगता था, पूरे मुहल्ले में ब्लैक एंड व्हाइट टीवी…

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वो बचपन के दिन

वो बचपन के दिन 😀क्या आप को #1जुलाई याद है,नहीं होगी आखिर जिंदगी की रफ्तार जो तेज हो गई है, बात उन दिनों की है जब हम छोटे बच्चे हुआ करते थे, 😑1 जुलाई …

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