नये दौर का प्यार

         

आज का प्यार न हो कर एक शौक एक ट्रेंड हो गया है,आज समाज मे प्यार एक शौक बन कर राह गया है जिसे देखिए वही किसी ना किसी से प्यार करता है ,यहां प्यार का अर्थ इश्क से है जो प्रेमी जन करते है, यह ट्रेंड कभी सहारो में हुआ करता था आज गांवो में इसका चलन अधिक है,
इसका प्रमाण मिल जाएगा आज कल के किशोरो में,नाही उन्हें अपने भविष्य की चिंता है नाही माँ बाप के इज्जत की ,

  • स्मार्ट फोन
स्मार्ट फोन आज कल के बच्चो को भी स्मार्ट बना दिया इतना स्मार्ट बना दिया कि प्यार को और सेक्स को बहुत आसानी से समझ जाते है, उन्हें ये पता होता है कि प्यार करना चहिये और जब प्यार हो गया तो फिर उनकी अगली मंज़िल सेक्स रहता है,
इस तरह वो खुद को आधुनिक समझते है, इस तरह से आज की आधुनिकता हो सकता है, स्मार्टफोन में लईकी और टिकटॉक ने इन सभी को आगे बढ़ने में बहुत बड़ी भूमिका अदा कर रहें है,छोटे छोटे बच्चे बच्चियां गंदे गंदे गीतों पर थिरकते हुए आप को मिल जाएंगे ,यहां आप को किसी भी एक्ट्रेस को अंग प्रदर्शन में पीछे छोड़ने की कूवत रखने वाले कलाकार भी मिल जाते है,यह भी एक कारण है किशोरों के मस्तिष्क में,रोज नए नए साथी की तलाश में अहम रोल अदा कर रहे है,
नए पीढ़ी के बच्चे प्यार को एक खेल की तरह,खेल कर पार्टनर को आसानी से छोड़ते रहते है,फिर भी इसे खेल नही अपितु प्यार ही कहते हैं।

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https://youtu.be/iC5mOVCGIxY

  • सेक्स
वैसे सेक्स की इच्छा किसे नही है सभी चाहते है की उन्हें अच्छा पार्टनर मीले मगर सब की एक अवधि होती है अब इसका मतलब यह भी नही की हर कोई नित नए नए पार्टनर को ढूंढे,
मगर आज का जो माहौल है,उसमे सच्चे प्यार का मिलना मुश्किल है ये बाते लड़के और लड़कियों दोनों पर लागू होते है,
वैसे इसका मुख्य कारण यह भी है कि समाज मे जो ऊँचनीच की खाई बनी है वही है सच्चे प्यार का न मिलना जो लड़के लड़किया प्यार मुहब्बत करते है वो जानते है कि उनका मिलन नही होने वाला है घर वाले उन्हें मिलने नही देंगे मतलब उनका विवाह नही होगा इस लिए भी उनका शारीरिक संबंध विवाह उपरांत हो जाना भी एक कारण हो सकता है,
समाज
माज सच्चे प्यार का दुश्मन सदियों से है समाज ने कभी दो प्रेम करने वालो के बीच रोड़े अटकाता रहा है, ये दो मुंहा समाज ऐसा है कि लोग खुद उसी की कल्पना करते है जो दूसरे को नही पाने देना चाहते है यही है हमारा समाज,
समाज बदल रहा है आज जो इतना रेप बलात्कार के केस आये दिन देखने को मिल रहे है उसका सबसे बड़ा कारण यही है हमारे समाज के जो आइडियल है जिन्हें हम देख कर उनका अनुसरण करते है,बाद में पता चलता है की, उन्ही ने समाज मे गंदगी फैला दिया,कुछ तथाकथित सन्तो ने हमारे समाज को दूषित किया, इन्ही की वजह से आज सन्त समाज पर से लोगो का विश्वास उठ गया है ,,
  • फ़िल्म

फ़िल्म लोगो को आज क्या परोस रहा है बलात्कार,सेक्स,अंग प्रदर्शन के नए नए तरीके ,जिसका छोटे छोटे बच्चों के नाज़ुक मस्तिष्क पर इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है,हमारा भारतीय समाज आज से पहले कुछ और था अब कुछ और है,

"हम किसे दोषी ठहराए समाज को टीवी फ़िल्म मोबाईल फोन या खुद को ,
आज अगर हम इन बातों पर ध्यान नही देंगे तो बहुत जल्दी हमारा समाज पश्चिमी सभ्यता को पिछे छोड़ते हुए आगे निकल जायेगा,,,,"